कोरोना का संकट: भोपाल में 5000 खाने के पैकेट बांटें, तीन रसोई संचालित, अयोध्या नगर में भी जल्द खुलेगी रसोई

गोल्डी सलूजा

आप भी कर सकते हैं मदद, दीनदयाल रसोई को पहुंचा सकते हैं अतिरिक्त राशन
नगर निगम की ओर से खाने के वितरण को अंजाम दे रहे गोल्डी सलूजा से विशेष बातचीत

भोपाल में नगर निगम की ओर से अपने सीमित संसाधनों में शहर के नागरिकों को खाद्य सामग्री वितरण की कोशिशें की जा रही हैं। इस काम को अंजाम दे रहे गोल्डी सलूजा ने संविधान लाइव से बातचीत में कहा कि फिलहाल लोगों को पका हुआ खाना और अनाज में दाल, चावल आदि दोनों का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 25 मार्च तक भोपाल में कुछ 5000 खाने के पैकेट बांटे गए हैं। लगातार इनकी संख्या बढ़ाई जा रही है। यह पैकेट हनुमानगंज से सुल्तनिया अस्पताल, ऐशबाग, रेलवे स्टेशन से लेकर करोंद तक बांटे गए हैं।

 कैसे हो रहा है वितरण का काम
गोल्डी सलूजा के मुताबिक, नगर निगम की ओर से भोपाल के हर विधानसभा क्षेत्र में एक टीम काम रही है। इस तरह भोपाल में कुछ सात टीम काम कर रही हैं। लेकिन फिलहाल एक दीनदयाल रसोई में ही खाना पक रहा था, लेकिन अब कोलार और एमपी नगर में भी किचिन शुरू हो गया है। सलूजा ने बताया कि जल्द ही अयोध्या नगर में भी किचिन शुरू किया जा रहा है। जहां से खाना लिया जा सकता है। यहां से स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि खाने के पैकेट लेते हैं और फिर जरूरतमंदों तक पहुंचाते हैं।

किन्हें दिया जा रहा है खाना
प्रशासन का दावा है कि बीपीएल कार्ड धारकों को लगातार खाना पहुंच रहा है। इससे पहले सरकार की ओर से दो महीने का राशन पहले ही दिया जा चुका है। फिलहाल जो टीम भोपाल में खाने के पैकेट पहुंचा रही हैं, उनकी प्राथमिकता में ऐसे लोग हैं जो स्टेशन पर सो रहे हैं या जिनके पास चूल्हा नहीं है। इनमें अस्पतालों के आसपास, रेलवे स्टेशन, रैन बसेरा व अन्य बस्तियों में वितरण किया जा रहा है। इस काम में छह एनजीओ नगर निगम के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं।

क्या कर सकते हैं सामान्य परिवार
फिलहाल आपूर्ति और मांग का अंतर बना हुआ है। प्रशासन की सीमाएं और इस तरह की आपदा से निपटने के लिए प्रशिक्षित लोगों की कमी है। सामान्य परिवारों से अपील है कि अगर उनके पास अतिरिक्त राशन है तो वे दीनदयाल रसोई के महाराज ठाकुर से 9425420988 नंबर पर संपर्क पर उन्हें जानकारी दें। रसोई की टीम में 10 से 12 वालेंटियर हैं, जो कि आपके घर से आकर जरूरत का सामान ले जाएंगे, जो कि किसी अन्य जरूरतमंद के काम आ सकता है।

दो मीटर की दूरी और प्रशिक्षण
खाने का वितरण कर रहे स्वयंसेवकों के बारे में बताया गया कि उन्हें मेडिकल प्रशिक्षण दिया गया है और खाना बांटने में दो मीटर की दूरी का ख्याल रखा जा रहा है। इसके साथ ही सेनेटाइजर आदि की भी व्यवस्था की गई है।