कोरोना के खतरे से चिंतित सिविल सोसायटी ने देश के वंचित और तलछट में जीवन यापन करने वाले 80 प्रतिशत नागरिकों के लिए तुरंत आपातकालीन कदम उठाने की अपील की है। दिल्ली में 53 बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार आदि ने कोरोना को एक गंभीर सार्वजनिक समस्या बताते हुए कहा है कि इससे करोड़ों लोगों की…

डाॅ. आर. वी. आचार्य, भीलवाड़ा केरल के कुछ क्षेत्रों में कोरोना तीसरे स्टेज में पहुंच चुका है। अच्छी बात यह है कि मध्यप्रदेश में यह स्टेज 1 से 2 तक है। ये स्टेज क्या होती हैं? पहली स्टेज विदेश से नवांकुर आया। एयरपोर्ट पर उसको बुखार नहीं था। उसको घर जाने दिया गया। पर उससे…

 सचिन श्रीवास्तव कोरोना के कारण कुछ दिन लॉक डाउन की स्थिति है। इससे कुछ परेशानी तो होगी, लेकिन आगे सब ठीक हो जाएगा। इतना ठीक कि आप उम्मीद भी नहीं कर सकते। आप सरकार की दूरगामी को सोच को समझ ही नहीं सकते हैं। आप चिंता न करें, भरोसा रखें। बस थाली बजाएं, ताली बजाएं।…

मनोज कुलकर्णी Delhi 2020 एक कौम, जिस से एक लम्बे वक्त तक मैं भी बेवजह नफरत करता, खौफ खाता रहा हूं। जन्मना जो देश, प्रदेश, धर्म और जाति मिली, उस पर मेरा वश कहां था? जिन मोहल्लों में मैं रहा, जिन पाठशालाओं में मुझे दाखिला दिलवाया जाता रहा, वहां उस कौम के नाम लेवा तक…

 सचिन श्रीवास्तव दिल्ली की हिंसा कब शुरू हुई? विभिन्न मीडिया रिपोर्ट कह रही हैं कि दिल्ली की यह हिंसा 23 फरवरी की रात शुरू हुई। असल में तो यह सच नहीं है। इसकी पृष्ठभूमि में कपिल मिश्रा का बयान है, तो 20 फरवरी का वारिश पठान का बयान भी है। सीएए विरोधी प्रदर्शनों पर कटाक्षों…

सचिन श्रीवास्तव, भोपाल होने को तो कुछ भी हो सकता है। देश भी जल सकता था, लेकिन दूसरे पक्ष ने जिस तरह शांति का परिचय दिया है, उसका ऐहतराम किया जाना चाहिए। अफवाह और सच के बीच यह तथ्य तो साबित हो ही चुका था कि कट्टर हिंदुत्व के पैरोकार, मोदी समर्थक और भाजपाई दिमागों…

Women spear-leading change

February 23, 2020 0

Feb 23, 2020 Bhopal, MP April 2020 is fast approaching and anti-CAA protesters are gearing up for intensifying their grassroots campaign, in an attempt to educate, inform people about the impending NPR exercise roll-out. While the Iqbal Maidaan Satyagrah runs well over 50 days reaching out to over 1000 people each day, its still not…

भोपाल। 23 फरवरी को देशभर से आई हुई महिलाओं ने भोपाल की दलित, आदिवासी, मुसलमान, हिन्दू, नास्तिक और अन्य जेंडर के लोगों के साथ नीलम पार्क में बैठकर एकजुटता से फासीवादी ताकतों से लड़ने का संकल्प लिया। असम से आई तान्या ने कहा कि हम औरतें चूड़ी भी पहनेंगे। हम बुर्खे भी पहनेंगे, हम खाना…