मध्य प्रदेश लोकतांत्रिक अधिकार मंच और जनसंपर्क समूह ने किया सीएए—विरोधी कार्यकर्ताओं के दमन का विरोध भोपाल, 3 जून। स्थानीय शाकिर सदन में मध्य प्रदेश लोकतांत्रिक अधिकार मंच एमपीडीआरएफ की ओर से सीएए—विरोधी कार्यकर्ता और प्रतिवाद की जनतांत्रिक आवाजों के दमन के खिलाफ प्रतिरोध सभा का आयोजन किया गया। इसके अलावा सीएए आंदोलन के दौरान…

भाकपा, माकपा, एसयूसीआई (सी) और आप पार्टी ने संभागायुक्त को दिया ई ज्ञापन, मज़दूरों के लिए कीं अनेक माँगें इंदौर। मज़दूरों को सरकार उनके घर पहुंचाने का निशुल्क इंतज़ाम करे। काम के घंटे बढ़ाने के बजाय मजदूरी बढ़ाई जाए और काम के घंटे कम किये जाएं। सख्ती, कर्फ्यू, दंड जैसी शब्दावली शासन इस्तेमाल ना करे,…

लॉक डाउन में बेबस गाड़िया लोहार लॉकडाउन में सरकार ने सभी को घर जाने की हिदायत दे दी थी। यह मानकर ही देश की पूरी आबादी घरों में रहती है। लेकिन इसी देश में घुमक्कड़ अर्ध घुमक्कड़ जातियां भी रहती हैं, यह शायद सरकार भूल गई। होशंगाबाद के 13 लोग भी इसी देश के नागरिक…

मजदूरों की समस्याएं पर नहीं दिया ध्यान तो अनिश्चितकालीन उपवास की तैयार बड़वानी भोपाल। नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने सोमवार को देश भर के श्रमिकों के गंभीर हालात के खिलाफ 24 घंटे का चेतावनी उपवास शुरू किया है। बड़वानी जिले की ठीकरी तहसील में एबी रोड पर स्थित…

सचिन श्रीवास्तव भोपाल। करोंद इलाके के 32 वर्षीय अनिल अहिरवार की आत्महत्या उस व्यवस्था के लिए एक आखिरी संदेश है, जो अपनी हर नाकामी को ढंकने के लिए तमाम आंकड़े पेश करने में महारत हासिल कर चुकी है। जिसके लिए मौतें महज एक आंकड़ा है, जैसे गरीबी एक आंकड़ा है, जैसे दी जाने वाली राहत…

वर्कर्स की प्रमुख माँगें: 1. कोरोना महामारी के दौरान डिलेवरी वर्कर्स को मासिक रु. 7000 का भत्ता मिले, चाहे वे इस दौरान ऑनलाइन जाएँ या ना जाएँ। 2. जो वर्कर्स काम कर रहे हैं, उन्हें सुरक्षा के उपकरण दिए जाएँ और ‘जीरो-कांटेक्ट डिलीवरी’ के तरीक़े का प्रशिक्षण दिया जाए। 3. 22 मार्च तक जिन डिलेवरी…

भोपाल जनसंपर्क समूह-1 सचिन श्रीवास्तव बीते 18 दिनों में घर में रहने की हिदायतें हम सबको इतनी बार, इतनी तरह से मिली हैं, जितनी शायद पूरी उम्र में न कभी मिलीं, न मिलेंगी। कभी फोन पर, कभी व्हाट्सएप पर, कभी ईमेल में, कभी आमने सामने की बातचीत में। जाहिर है यह वक्त घर पर रहने…

अब्दुल हक पूरी दुनिया में अभी जिस किस्म के हालात हैं, वो किसी तरीके से काबू नहीं हो पा रहे हैं। पूरी दुनिया में कोरोना केस 1,236,842 और मौत की संख्या 67,253 पर पहुंच चुकी है। ये बात सकारात्मक है कि जिन लोगों को बचाया जा सका उनकी तादाद मरने वालों से ज्यादा है, यानी…